Simlipal Fire

Simlipal Fire – 10 दिनों से ओडिशा का यह जंगल जल रहा है

Simlipal Fire : ओडिशा के सिमलीपाल जंगल (Simlipal Forest) में लगी आग (Simlipal Fire) से 3000 प्रकार की वनस्‍पतियों को नुकशान हुआ है।
विशाल जंगलो में गर्मियों के मौसम में आग लगने की सम्भावनाये सबसे ज्यादा होती हैं।
भारत में गर्मियों का मौसम शुरू ही हुआ है और ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित सिमलीपाल नेशनल पार्क में आग लगने की घटना सामने आयी है।
इस नेशनल पार्क (Odisha forest fire) में पिछले कुछ दिनों से भयानक आग लगी हुई है।
बीते कुछ दिनों से सरकार भी इस पर ध्यान नहीं दे रही थी।

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How was the fire in the Simlipal forest detected?सिमलीपाल जंगल में लगी आग का पता कैसे चला ?

  • सिमलीपाल जंगल (Simlipal Forest) में लगी आग (Simlipal Fire) की लपटें एक हफ्ते तक फैलती रहीं थी।
  • प्रशाशन भी इस घटना से जानकार नहीं था।
  • सोशल मीडिया की वजह से इस तरह की घटना (Odisha forest fire) दुनिया के सामने आयी है।
  • केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नजर इस सोशल मीडिया की पोस्ट पर पड़ी थी उसके बाद उन्हीने पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा इस दावानल के लिए एसओएस भिजवाया था।

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What efforts were made to extinguish the Simlipal forest fire? सिमलीपाल जंगल में लगी आग बुझाने के लिए क्या प्रयास किये गए ?

  • फॉरेस्‍ट डिपार्टमेंट ने आग से (Simlipal Fire) बचने के लिए कई प्रबंध किये थे।
  • पांच डिविजन में 21 रेंज की स्‍क्‍वाड तैयार की गई थी और करीब से स्थिति पर नजर रखी जा रही थी।
  • 1,000 कर्मी, 250 फॉरेस्‍ट गार्ड्स को आग बुझाने के लिए भेजा गया था
  • आग बुझाने के लिए 45 टेंडर्स और 240 ब्‍लोअर मशीनों का प्रयोग किया गया था।
  • नेशनल पार्क की अथॉरिटीज की मानें तो मुख्‍य एरिया सुरक्षित है और संरक्षित प्रजातियों को जंगल में लगी आग से (Simlipal Fire) कोई नुकसान नहीं हुआ है।
  • अधिकारियो ने बताया की आग (Odisha forest fire) बफर जोन (Buffer Zone) में लगी थी और फुटहिल एरिया (Footheal Area) फिलहाल नियंत्रण में है।

How did the fire in the Simlipal forest spread? सिमलीपाल जंगल में आग कैसे फैली?

नशीली शराब बनाने के लिए स्थानीय लोग महुआ के फूल को इकट्ठा करते है और जंगल की सुखी पत्तियों में आग (Simlipal Fire) लगाते है।

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How do most forest fires start? ज्यादातर जंगलो में आग कैसे लगती है ?

  • जंगलो में आग हमेशा दो तरीकों सेलगती है –
  • प्राकृतिक (स्वाभाविक) रूप से या मानव प्रवृत्तियों की वजह से ।
  • प्राकृतिक रूप से लगने वाली आग आमतौर पर बिजली गिरने से लगती है।
  • और कभी कभी सुखी पत्तियों और चूरे में पैदा होने वाली चिंगारी की वजह से भी लगती है।लेकिन जंगल में लगने वाली आग का सबसे बड़ा कारण हमेशा से ही मानव प्रवृत्तिया रही है।

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The specialty of Simlipal forest – सिमलीपाल जंगल की विषेशता

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  • सिमिलिपल जंगल (Simlipal Forest) का नाम ’सिमुल’ (रेशम कपास) के पेड़ से रखा गया है।
  • सिमलीपाल जंगल (Simlipal Forest) यह 1060 स्‍क्‍वायर मीटर में फैला हुआ है और देश का सबसे महत्वपूर्ण नेशनल पार्क भी है।
  • यह जगह मयूरभंज एलीफेंट रिजर्व और टाइगर रिजर्व का भाग है।
  • सिमलीपाल का जंगल (Simlipal Forest) बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी, गौर ओर चौसिंघा का निवास स्थान है।
  • सिमलीपाल का जंगल अपने खूबसूरत झरनों जैसे जोरांदा और बेरीपानी फाल्‍स के मशहूर है।
  • वर्ष 2009 में यूनेस्‍को ने सिमलीपाल के जंगल (Simlipal Forest) को वर्ल्‍ड नेटवर्क ऑफ बायोस्‍पेयर रिजर्व की तरह घोषित किया था।
  • सिमलीपाल के जंगल (Simlipal Forest) में 3000 प्रकार के पेड़-पौधे पाए जाते है।
  • इस पेड़ पौधों में 94 प्रकार की ऑर्किड पाए जाते है।
  • इतना ही नहीं इस नेशनल पार्क में पानी और जमीन पर रह सकने वाले 12 प्रकार के ऐसे जानवर, 29 प्रकार के सरीसृप, 264 प्रकार के पंछी और 42 प्रकार स्‍तनधारी जीव रहते है।