चीन हुआ मजबूर पीछे हटने के लिए – जब भारत ने मारे उसके 45 जवान

चीन हुआ मजबूर पीछे हटने के लिए – जब भारत ने मारे उसके 45 जवान

भारत (India) और चीन की सेना पैंगोंग झील (Pangong Tso Lake) के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से पीछे हटना शुरू कर दिया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य सभा में कहा कि चीन और भारत की सेना पीछे हटने के लिए राजी हो गई है।
Russian न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक मई 2020 के बाद चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई जो झड़प हुयी थी उसमें कम से कम 20 भारतीय और 45 चीनी सैनिक मारे गए थे।
इस घटना के बाद भारत और चीन ने इस क्षेत्र में लगभग 50,000 सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी थी।

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आखिर 9वें दौर की वार्ता के बाद सहमती हुयी

China back when its 45 soldier killed

  • चीनी ने दावा किया है कि भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की नौवें दौर की वार्ता में बनी सहमति के बाद यह कदम उठाया गया है।
  • 16 घंटे की सैन्य वार्ता के बाद, दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया की,”वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास विवादित सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सीमावर्ती सैनिकों को जल्द से जल्द पीछे हटाने पर जोर देने के लिए सहमत हुए हैं। दोनों देशों की सेनाओं की बातचीत में पहली बार इतना सकारात्मक नजरिया दिखाई दिया है।
  • चीन की तरफ से कहा गया है, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि सीमा पर तैनात सैनिकों की तरफ से संयम बनाए रखने की कोशिश जारी रखेंगे, ताकि LAC पर स्थिति को स्थिर व नियंत्रण में रखा जा सके।

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भारत चीन हमेशा आमने सामने

  • मई २०२० से भारतीय सेना (Indian Army) और चीनी सेना लद्दाख में पैंगोंग झील के पास और तिब्बत (LAC) के विवादित रूप से एक दूसरे के प्रतद्वंद्वी की तरह सीमा पर खड़े है।
  • दोनों सेनाओं में लगातार गतिरोध बना हुआ था।
  • कभी कभी सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुयी। हिंसक झड़प के नतीजे में दोनों ही सेनाओ को नुकशान हुआ। लेकिन विश्व को यह भी पता चला की इस झड़प में चीन को ज्यादा नुकशान हुआ है।
  • इनमें से एक बड़ी झड़प 15-16 जून की रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में देखी गई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे।
  • और इस झड़प में 40 से अधिक चीनी सैनिक मारे गए थे।(china back when its 45 soldier killed)

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क्या बातचीत से बात बन सकती है ?

  • जुलाई में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के बिच विवादों की गतिशीलता में कमी आयी थी।
  • लेकिन चीन हमेशा से अपने स्वभाव के अनुसार पैंगोंग झील और PP17 A इलाके में घुसपैठ जारी रखा था।
  • अगस्त में भारतीय सैनिकों ने एलएसी के साथ चुशुल सेक्टर में कई ऊंचाइ वाले इलाको पर अपनी पहुंच बनायीं थी।
  • इसी बिच दोनों देशों के बीच गतिरोध को समाप्त करने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तरों पर कई दौर की बातचीत जारी रही भी चल रही थी।
  • 24 जनवरी को कोर कमांडर स्तर की बैठक की नौवें दौर की बैठक आयोजित की गई थी और इसी दौरान दोनों सेना के प्रतिनिधियों ने पीछे हटाने का निर्णय लिया था।

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