दिसम्बर 4, 2020

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बैंकिंग लोकपाल से कैसे मदद ले ? – How to take help with Banking Ombudsman?

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बैंकिंग लोकपाल से कैसे मदद ले ? – How to take help with Banking Ombudsman?
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यदि आपके बैंक ने अनाधिकृत रूप से आपके पैसे काट लिए है तो आप को घबराने की जरूरत नही है। आज के लेख मे हम आपको अवगत कराएंगे की बैंक द्वारा काटे गए पैसे किस तरह से (बैंकिंग लोकपाल) वापस लाये जाए।

आज के युग में पैसा कमाना और बचाना बहुत ही विकट कार्य है।लगभग प्रत्येक व्यक्ति अपने पैसे को बैंक में रखना सबसे सुरक्षित समझता है।
लेकिन क्या हो अगर आपके पैसे बिना आपकी अनुमति के ही काट लिए जाये?
जी हाँ आप बिलकुल सही पढ़ रहे है अगर बैंक आप के पैसे काट ले और आप की एक भी दलील सुनने से इंकार कर दे तो आप क्या करेंगे ?
आज के लेख में हम आपको बैंकिंग लेन देन की सावधानिया और यदि कोई घटना होती है तो उसका किस तरह से सामना करना है यह बताएंगे।

मान लीजिये की आप किसी जरुरत से बैंक ATM से एक बड़ी रकम निकालने का प्रयास करते है।
आप अपना सही पासवर्ड डालकर पैसे निकालने की प्रक्रिया करते है। परन्तु थोड़ी ही देर में आपके फ़ोन में पैसे के डिडक्शन का मैसेज आता है लेकिन ATM मशीन से पैसे बहार नहीं निकलते।
ऐसे परिस्थितियों में आपको तुरंत ही अपने बैंक के ब्रांच में संपर्क करना चाहिए। लेकिन इस प्रकार की बहुत सी घटनाओ में बैंक का रिएक्शन ज्यादा अच्छा नहीं होता। आपको तुरंत ही आपके ATM कार्ड के पीछे दिए हुए टोल फ्री नंबर पर संपर्क करना चाइये।

टोल फ्री नंबर पर संपर्क करने से पहले निचे दी गयी जानकारिया जुटा ले।

  • आपका एकाउंट नंबर
  • एकाउंट में आपका पूरा नाम
  • आपका CIF नंबर
  • आपका IFSC नंबर
  • आपका पूरा पता

ये सभी जानकारियाँ आपके बैंक पासबुक पर से मिल जाएगी।

बैंक टोलफ्री नंबर पर कॉल करने के बाद बैंकिं प्रतिनिधि आपकी कम्प्लेन रजिस्टर करेगा और 7 बैंकिंग दिनों में आपकी समस्या को हल करने का वचन देगा। यदि सात दिनों में आपके पैसे वापस आ जाये तो आप मिठाई खरीद सकते है।

लेकिन अगर 7 दिन बाद बैंक आपकी कम्प्लेन का नकारात्मक उत्तर देता है तब आप क्या करेंगे ?

अब आप 2 प्रकार से अपने पैसे वापस ला सकते है ?

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पहला तरीका – आप बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते है।

बैंक द्वारा पैसे न लौटाने पर अपनी कम्प्लेन दर्ज करवाने के लिए सबसे अच्छा रास्ता है की आप अपने बैंकिंग लोकपाल से संपर्क करे। बैंकिंग लोकपाल यह सभी बैंको के सर्वोपरि होता है एवं सभी बैंको को इसके द्वारा ग्राहक के सम्बन्ध में लिए हुए फैसलों का पालन करना पड़ता है। यदि आप अपने नजदीकी बैंकिंग लोकपाल का पता नहीं जानते है तो आपको बिलकुल भी चिंता करने की जरुरत नहीं है क्युकी अब सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है।

परन्तु कुछ बूढ़े बुजुर्ग और पुराने ज़माने के लोग जो टेक्नोलॉजी को अच्छे से नहीं समझते वे लोग ऑनलाइन का विकल्प पसंद नहीं करते। इस प्रकार के लोग सीधे अपने नजदीकी बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते है।

बैंकिंग लोकपाल में ऑनलाइन कम्प्लेन कैसे करे ?

बैंकिंग लोकपाल में कम्प्लेन करने के लिए बैंकिंग लोकपाल की ऑफिसियल वेबसाइट पर जा सकते है।https://cms.rbi.org.in/cms/IndexPage.aspx

बैंकिंग लोकपाल में ऑनलाइन कम्प्लेन करने के लिए सबसे पहले आप निचे दिए गए डॉक्यूमेंट की एक PDF कॉपी बनवा लीजिये। क्युकी जब आप ऑनलाइन कम्प्लेन करते है तो आपको सभी डोक्युमेंट ऑनलाइन अपलोड करने होते है।हम आपको PDF कॉपी बनाने का परामर्श इसीलिए दे रहे है क्युकी आप 2 MB से ज्यादा की फोटो या डॉक्युमेंट अपलोड नहीं कर सकते।

  • बैंक पासबुक
  • बैंक पासबुक में डिडक्ट राशि के पेज की नक़ल
  • बैंक से किये गए पत्र व्यहवार
  • फोन में आये डिडक्शन SMS की नक़ल
  • पोस्ट ऑफिस से मिली पत्र व्यहवार की स्लिप
  • और अन्य सभी किये गए खर्च का विवरण (वो खर्च जो आप बैंक से मांगना चाहते है )

Step 1 (Banking Ombudsman Complain)

जैसे ही आप लिंक खोलेंगे आपको निचे दिए गए चित्र जैसा वेबपेज दिखाई देगा। इस पेज पर आपको चित्र में दिखाए अनुसार File a Complain पर क्लीक करना होगा। जैसे ही आप क्लीक करेंगे आप बैंकिंग लोकपाल के दूसरे पेज पर पहुंच जायेंगे।

Banking Ombudsman

Step 2 (Banking Ombudsman Complain)

  • अब आपको किसके खिलाफ कम्प्लेन करना है यह सेलेक्ट करना होगा। हमने इस पेज में बैंक के खिलाफ कम्प्लेन करने के लिए सेलेक्ट किया है। आप अपनी दूविधा के अनुसार विकल्प चुन सकते है।
  • सेलेक्ट करके next बटन दबाने पर एक दुसरा वेबपेज दिखाई देगा जिसमे आपको बैंक की जानकारी भरनी होगी।
  • यहाँ पर भरी गयी सभी जानकारी मात्र आपको समझाने के लिए है। आप से अनुरोध है की आप केवल आप से संबंधित विवरण ही भरे। जानकारी का विवरण भरने के बाद next बटन पर क्लिक करे।
Banking Ombudsman
Banking Ombudsman

Step 3 (Banking Ombudsman Complain)

इस वेबपेज पर पहले विकप्ल पर No क्लिक करने के बाद इस तरह का वेबपेज दिखाई देगा। इसमें यह पूछा गया है की क्या अपने कोई लिखित कम्प्लेन किया है। और यदि किया है तो कब किया है ? सभी विवरण भरने के बाद आप next बटन पर क्लिक कीजिये।

Banking Ombudsman

Step 4 (Banking Ombudsman Complain)

इस पेज पर आपको अपनी डिटेल्स भरनी है। जैसे की आपका नाम , उम्र, मोबाइल नंबर, आपका स्थानीय पता और ईमेल आई-डी। सभी विवरण भरने के बाद आप next बटन पर क्लिक कीजिये।

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Banking Ombudsman

Step 5 (Banking Ombudsman Complain)

इस पेज पर आपको अपने बैंक की जानकारी भरनी होगी। आपको यह भी बताना होगा की आपका पैसा कब डिडक्ट हुआ था। सभी विवरण भरने के बाद आप next बटन पर क्लिक कीजिये।

Banking Ombudsman

Step 6 (Banking Ombudsman Complain)

इस पेज पर आपको अपने बैंक का खाता नंबर , खाते का प्रकार एवं खाते की केटेगरी का विवरण देना होगा।

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Step 7 (Banking Ombudsman Complain)

इस पेज पर आपके कितने पैसे डिडक्ट हुए है और आप बैंक से कितना हर्जाना मांग रहे है वह लिखना है। अपनी कम्प्लेन के बारे में लिख कर next बटन पर क्लिक कीजिये।

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Step 8 (Banking Ombudsman Complain)

यह एक डिक्लरेशन फॉर्म है इस में कुछ नहीं करना है और next के बटन पर क्लिक करना है।

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Step 9 (Banking Ombudsman Complain)

ये पेज नॉमिनेशन पेज है। अर्थात यदि आप अपनी कम्प्लेन स्वयं से करने में सक्षम न हो या आप अपनी कम्प्लेन अन्य व्यक्ति से करवा रहे हो। जो आपकी जगह पर आगे की प्रक्रिया करेगा।

इस तरह की परिस्थिति में नॉमिनेशन में Yes क्लिक करे। जैसे ही आप Yes क्लिक करेंगे आपको इसी पेज में चित्र में जैसा पेज दिखाई देगा।

Banking Ombudsman

नॉमिनी की सभी जानकारी भरने के बाद next बटन पर क्लिक कीजिये।

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Step 10 (Banking Ombudsman Complain)

यह पेज सबसे महत्वपूर्ण पेज है।
यहाँ पर आपको अपने सारे डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे ये डॉक्यूमेंट किसी भी फॉर्मेट में हो सकते है। ये इमेज ,वर्ड या PDF हो सकते है। हम अपने पाठको को PDF अपलोड करने का सुझाव देते है क्यूंकि PDF का साइज अन्य फाइलों की तुलना में कम होता है।

Banking Ombudsman


कौन कौन से डॉक्यूमेंट अपलोड करने चाइये ?

  • पासबुक का पहला पेज
  • पासबुक का वह पेज जिसमे डिडक्शन दिखाया गया हो
  • आपके फ़ोन में डिडक्शन का जो मैसेज आया है उसका स्क्रीनशॉट
  • बैंक से किया गया पत्र व्यहवार
  • पोस्ट ऑफिस से मिली रसीद
  • और यदि अपने दूसरे प्रयास भी किये हो तो उसे भी अपलोड कर सकते हैं।

next बटन क्लिक करने पर आपको एक कम्प्लेन नंबर दिखाई देगा।

अब आपको साप्ताहिक रूप से या हर 15 दिन पर बैंकिंग लोकपाल में कॉल करना होगा। बैंकिंग लोकपाल अधिकारी का नंबर गूगल सर्च से प्राप्त कर सकते है। आपको हर बार बैंकिंग लोकपाल अधिकारी को अपना कम्प्लेन नंबर बताना होगा।

हम आपके पाठको को बताना चाहते है की यदि बैंक ने आपके साथ अन्याय किया है तो बैंकिंग लोकपाल सत् प्रतिशत आपको न्याय दिलवाएगा। लेकिन इस प्रक्रिया में आपको बहुत ही धैर्य से काम लेना होगा।

दूसरा तरीका – आप ग्राहक सुरक्षा केंद्र में जा सकते है।

ग्राहक सुरक्षा केंद्र में कैसे संपर्क करे ?

ग्राहक सुरक्षा केंद्र आप ही के शहर में आसानी से मिल सकता है। अगर आप ग्राहक सुरक्षा केंद्र का पता नहीं जानते ही तो आप गूगल सर्च इंजिन की मदद ले सकते है। आपको गूगल पर “ग्राहक सुरक्षा केंद्र” सर्च करना होगा। गूगल मैप पर क्लिक करके आप नजदीकी ग्राहक सुरक्षा केंद्र का पता एवं मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते है।

ग्राहक सुरक्षा केंद्र प्रतिनिधि आपको बैंक के साथ पत्र व्यहवार करने की सुचना देगा।
ध्यान रखे जब भी आप पत्र व्यहवार करे तब पोस्ट ऑफिस से ही करे एवं पोस्ट ऑफिस से जो भी स्लिप मिले उसे संभाल कर रखे।
आपके पत्र व्यहवार का बैंक से उत्तर मिलने पर ग्राहक सुरक्षा केंद्र प्रतिनिधि आगे की प्रक्रिया करेगा। आप ग्राहक सुरक्षा केंद्र में ऑनलाइन भी संपर्क कर सकते है और अपनी कम्प्लेन रजिस्टर करवा सकते है।

ATM फ्रॉड से कैसे बचे ?

ATM Fraud
  • कई बार एटीएम में लापरवाही की वजह से नुकसान उठाना पड़ जाता है।
  • बैंकिंग ट्रांजेक्शन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इनसे बचने का सबसे बेहतरीन तरीका सतर्कता और सावधानी है।
  • जब भी कोई अज्ञात कॉल आये और वह आपके बैंक एवं कार्ड की जानकारी मांग रहा हो तब उसे जानकारी सांझा न करे।
  • यदि कोई आप के फोन पर आये OTP साँझा करने की विनंती कर रहा है तो उसकी विनंती को अस्वीकार करे।
  • एटीएम में कैश निकालते समय मोबाइल फोन पर बात बिल्कुल नहीं करनी चाइये।
  • अपने एटीएम कार्ड पर आपका पिन नंबर कभी न लिखे। ATM पिन नंबर को याद रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।
  • ATM में किसी भी अंजान शख्स को ट्रांजेक्शन के लिए अपना कार्ड नहीं देना चाइये और न ही उनसे मदद मांगनी चाइये।
  • कभी किसी को अपना पिन नंबर न बताएं।बैंक कर्मचारी भी आपसे कभी ये जानकारी नहीं मांगते हैं।
  • जब आप एटीएम कार्ड से पेमेंट कर रहे हों तो यह ध्यान रखें कि वह ट्रांजेक्शन आपके सामने ही हो रहा हो।
  • ATM के अन्दर कैश निकलते समय जब आप पिन नंबर एंटर कर रहे हो तब ध्यान रखे की कोई भी आपका पिन नंबर न देख रहा हो।
  • ATM में ट्रांजेक्शन पूरा होने पर तब तक ATM के पास से न हटें, जब तक स्क्रीन पर वेलकम मैसेज न आ जाए और ATM में जहा कार्ड डालते हो उस भाग पर हरी (green) बत्ती न जलने लगे।
  • इस बात का ध्यान रखना चाइये की आप जब ATM से पैसे निकाल रहे हो तब आपके पास वो मोबाइल नंबर हो जो उस अकाउंट से लिंक्ड हो ताकि ATM और अन्य ट्रांजेक्शन का अलर्ट मिलता रहे।
  • जब भी मर्चेंट यानी दुकानदार को आप ATM कार्ड से पेमेंट करते है जब वह आपको कार्ड लौटाए तो चेक करें कि यह आपका ही कार्ड है।
  • ATM में या उसके आस-पास अनजान लोगों से बातों में न उलझें, इसका खास ध्यान रखें कि कोई गलत आदमी भी आपको शाजिस में उलझा सकता है।
  • ATM में एक्स्ट्रा डिवाइस दिखे तो कोई गड़बड़ होने की भी आशंका हो सकती है।
  • अगर ATM कार्ड किसी वजह से खो जाए या चोरी हो जाए या नष्ट हो जाए तो इसकी सूचना बैंक को तुरंत दें।
  • अगर ATM मशीन में कैश न हो तो ATM में दिए गए नंबर पर बैंक को इसकी सूचना दें।

यह कैसे पता लगता है कि ऑनलाइन वेब पेज सुरक्षित है या नहीं ?

  • जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं तो उसका एड्रेस Http से शुरू होता है।
  • अगर यही वेबसाइट में सिक्योर कनेक्शन है तो यह Https से शुरू होगी।
  • इसका मतलब यह है कि आपके ब्राऊजर और वेबसाइट के बीच की सारी गतिविधियाँ सुरक्षित है और यह बैंक की ऑथेंटिक वेबसाइट है।
  • इसके अलावा Https के पहले एक लॉक का चिन्ह दिखाई पड़ता है जो सुरक्षित कनेक्शन की पहचान है।

ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से कैसे बचे ?

ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए आप को बहुत ही सतर्कता से ट्रांजेक्शन करना चाइये। हम अपने पाठको को कुछ जानकारी साँझा करना चाहते है।

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ट्रोजन:

यह एक इंटरनेट वायरस है जो आपके कंप्यूटर में इंटरेनट यूज करते समय स्वतः डाउनलोड हो जाता है।
एक बार ट्रोजन इनस्टॉल हो जाये तो उसके बाद यह आपकी ऑनलाइन एक्टिविटी पर नज़र रखने लगता है और क्रेडिट कार्ड नंबर और उसके पासवर्ड को भी चुरा लेता है।

फिशिंग ईमेल:

  • किसी बड़ी बहुत संस्था के नाम पर आपको एक ईमेल भेजा जाता है।
  • ‘फिशिंग ईमेल में एक मेलवेयर या स्पाई वेयर होता है जो क्लाइंट की डीटेल, पासवर्ड और पिन जैसी जरूरी जानकारियों को चुरा लेता है।
  • यह आपके चैनेल के पॉइंट ऑफ़ कांटेक्ट पर भी आपको परेशान कर सकते हैं।
  • चैनेल ऑफ़ कॉन्टेक्ट में ATM ,इन्टरनेट बैंकिंग साइट्स, मोबाइल बैंकिंग एप्प या किसी भी इ-कॉमर्स साईट पर पेमेंट इंटरफेस हो सकता है।

लॉटरी/एक्स्ट्रा इनकम का ईमेल SMS या फोन :

  • यह उन लोगों को टारगेट करने के लिए भेजा जाता है जो जॉब की तलाश में हों, ऑनलाइन कमाई के रास्ते ढूंढ रहे हों या इन्टरनेट के प्रयोग के प्रति जागरूक नहीं हों।
  • इस तरह के मेल में किसी बड़ी कंपनी की वेबसाइट का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से बड़ी रकम प्राप्त करने का लालच दिया जाता है।इसमें होम जॉब या छोटे से काम के बदले बड़ी रकम ऑफर की जाती है, जिसमें लोग आसानी से फंस जाते है।
  • इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले आपसे कुछ रकम भेजने के लिए कहते हैं, जिससे कि वे इसके बाद आपको बड़ा अमाउंट ट्रांसफर कर सकें।
  • वे आपसे आपका बैंक डिटेल भी मांगते हैं और कहते हैं कि वे इसमें पैसे जमा करा देंगे।
  • इसके बाद पैसे को ट्रांसफर करने की फीस के रूप में वे आपसे एक और रकम मांगते हैं और इसे ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं जिससे आप आपराधिक चंगुल में फंस सकते हैं।

सुरक्षित इंटरनेट बैंकिंग के तरीके

हमेशा असली एंटी वायरस सॉफ्वेयर यूज करें।

  • कम्प्यूटर को फिशिंग, मेलवेयर या दूसरे खतरे से बचाने के लिए हमेशा असली एंटी वायरस सॉफ्वेयर यूज करें।
  • एंटी वायरस उन स्पाई वेयर को पहचानने और दूर करने में मदद करता है जो आपकी गोपनीय सूचना चोरो को साँझा करता है।

पब्लिक वाई-फाई के इस्तेमाल से बचें या वीपीएन सॉफ्टवेयर का प्रयोग करें।

  • ओपन वाई-फाई नेटवर्क का सबसे बड़ा खतरा यह है कि हैकर एंड यूजर और हॉट स्पॉट के बीच बैठकर आपके सभी डेटा पर बिना किसी परेशानी के नज़र रख सकता है।
  • अनसिक्योर्ड कनेक्शन को हैकर एक मौके की तरह देखता है, जहां वह आसानी से आपके सिस्टम में मेलवेयर पहुंचा सकता है।
  • इसलिए पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर इंटरनेट या मोबाइल बैंकिंग करने या ई-कॉमर्स साईट पर पेमेंट करने से बचना चाइये।
  • अगर आप नियमित रूप से पब्लिक वाई-फाई यूज करते हैं तो एक अपने कम्प्यूटर या मोबाइल में वीपीएन सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लीजिये।
  • इससे कम्प्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन के बीच एक सिक्योरिटी स्थापित हो जाती है। और हैकर आपके डेटा को आसानी से हैक नहीं कर सकता।

अपने स्मार्टफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहे।

  • स्मार्टफोन यूजर को हमेशा यह ध्यान रखना चाहिये कि उसका फ़ोन लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच और ऑपरेटिंग सिस्टम से अपडेट है या नहीं।
  • आपको अपने फोन से किसी भी सिक्योरिटी कंट्रोल को नहीं हटाना चाहिए।
  • इसे जेल ब्रेकिंग या रूटिंग कहते हैं।
  • एप डाउनलोड करते समय हमेशा लिमिटेड एक्सेस दें। बिनजरूरी एप्प डाउनलोड न करे।

नियमित रूप से पासवर्ड बदलें और ध्यान रखें कि पासवर्ड बहुत ही जटिल हो।

  • आपके एकाउंट को सेफ रखने के लिए नियमित पासवर्ड बदलन जरूरी है, इससे आपको एकाउंट को गोपनीय रखने में मदद मिलती है।
  • अपने डीटेल्स किसी से भी शेयर न करें। आपका बैंक कभी भी आपसे आपकी बैंकिंग डीटेल्स के लिए नहीं पूछता।
  • इंटरनेट बैंकिंग के लिए अलग लॉग इन और ट्रांजेक्शन पासवर्ड रखें।

मेलर्स के जरिये नेट बैंकिंग अकाउंट में लॉग इन न करें।

नेट बैंकिंग के लिए हमेशा बैंक की वेबसाइट पर जाकर ही लॉग इन करें। कभी कभी आपको मेल से ट्रांसक्शन की लिंक मिलती है। उस लिंक को ओपन करने का प्रयास न करे। और हमेशा ट्रांजेक्शन अपने बैंक के पोर्टल से ही करे।

नेट बैंकिंग के लिए सायबर कैफे या पब्लिक कम्प्यूटर का यूज न करें।

  • अगर आप कोई ऐसा कंप्यूटर यूज कर रहे हैं जिसपर आपके बाद कोई और भी बैठता है तो वहां से नेट बैंकिंग न करें।
  • यहां से आपकी बैंकिंग डीटेल चोरी होने का खतरा ज्यादा होता है।
  • अगर ऐसा जरूरी ही हो तो यह सुनिश्चित करें कि ब्राउज़िंग हिस्ट्री और केच डिलीट हो जाये।

अपने बैंकिंग एकाउंट को रेगुलर चेक करें।

  • अधिकतर बैंक अपनी वेबसाइट पर लास्ट लॉगइन का समय बताते हैं।
  • अगर आप कोई ऐसी गतिविधि देखें जो आपने नहीं की है, तो बैंक को इस बारे में तुरंत सूचित करें।
  • अपना पासवर्ड भी बदल लें। मोबाइल बैंकिंग और एटीएम यूज करते वक़्त ध्यान रखें।

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