नवम्बर 29, 2020

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बिहार चुनाव 2020 : जानिए EVM और VVPAT से वोट केसे होता हे ?

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bhihar election : how EVM and VVPAT in Indian Elections in short
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 विपक्ष द्वारा EVM मशीन मे गड़बड़ी के आरोप को ध्यान मे रख कर  EVM मशीन के साथ VVPAT मशीन का उपयोग भी किया जाता हैआ।

जैसा की आप जानते है की मशीन पर चुनाव मे खड़े उमीदवार प्रतिनिधि का चिन्ह होता है तथा चुनाव प्रकिरीय मे डाले गए मतदान पूर्ण रूप से गोपनीय होते है । फिर भी लेकिन पिछले चुनाव मे इस EVM मशीन की सुरक्षा प्रणाली एवं गोपनीयता पर काफी तीखे प्रहार किए गए थे ।

 वोटर वेरिफॉयबल पेपर ऑडिट ट्रेल (Voter Verifiable Paper Audit Trail – VVPAT) यह चुनाव की प्रक्रिया को स्वतंत्र, निस्पक्ष एवं पारदर्शी बनता है।

EVM & VVPAT – A Pride of Indian Democracy एक मशीन जो दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाती है I

 VVPAT मे एक चिप होती है जिसके साथ छेड़ छाड़ नही किया जा सकता।

 VVPAT इसलिए सुरक्षित है क्युकी से किसी भी प्रकार कर इंटरनेट, वाई-फाई, ब्लूटूथ या पेन ड्राइव के साथ नही जोड़ा जा सकता।

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 VVPAT को वोटिंग बूथ पर इस्तेमाल करने से पहले ऐसी प्रक्रिया का उपयोग होता है जिससे चुनाव के दिन तक आभास भी नही लगाया जा सकता की कौन सी यूनिट को किस जगह स्थापित किया गया है।

इतना ही नही VVPAT को बार बार मोक टेस्ट द्वारा कार्यक्षमता को सुनिश्चित् किया जाता है।

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किस प्रकार से होती है मतदान ( vote ) की प्रक्रिया ?

 1982 में सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद से इसी के जरिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव किए जाते हैं। फिर EVM में वोटिंग वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) को शामिल किया गया जोकि वोट डालने के बाद वोटर के लिए विजुअल वैरिफिकेशन करता है।

 EVM मशीन के दो हिस्से होते हैं- पोलिंग ऑफिसर वाली कंट्रोल यूनिट और बैलेटिंग यूनिट (वोटर्स के वोट देने के लिए) ।

 EVM कंट्रोल यूनिट द्वारा पोलिंग ऑफिसर एक बैलेट जारी करता है। इसके बाद वोटर, बैलेटिंग यूनिट में अपनी पसंद के उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह का बटन दबाता है।

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 EVM से जुड़े VVPATसे एक स्लिप निकलती है जो एक बंद कांच के बक्शे मे देखी जा सकती है। इससे वोटर को पता चल जाता है कि उसका वोट उसी के चुने गए प्रतिनिधि को पड़ा है।

 पोलिंग के बाद वोटों की गिनती होती है। हर विधानसभा क्षेत्र में रैंडम तरीके से 5 पोलिंग स्टेशन चुने जाते हैं। फिर वहां के EVM के नतीजों और VVPAT स्लिप्स का आपस में निरक्षण किया जाता है। VVPAT से निरक्षण का काम पूरा होने पर निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम नतीजों की घोषणा की जाती है।

 अगर VVPAT की गिनती और EVM के नतीजों में कोई अंतर आता है तो चुनाव संचालन नियम, 1961 के अनुसार, VVPAT के प्रिंटेड पेपर स्लिप्स की गिनती को स्वीकार किया जाता है।

 पिछले पांच वर्षों में आपके क्षेत्र के विधायक ने विधानसभा में कैसा काम किया है, यह जानने के लिए क्लिक करें  https://prsindia.org/mlatrack?state=Bihar

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Know how to cast your Vote using EVM – VVPAT machine

अंत में यह कहना अनुचित नहीं होगा की EVM & VVPAT – A Pride of Indian Democracy. एक मशीन जो दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया को सुरक्षित, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाती है I

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